जिला पंचायत अम्बेडकरनगर में करोड़ों का घोटाला
| -RN. News Desk - Nov 21 2020 1:35PM
  • अपनों को कमवाने में लगभग 15 करोड़ का करा दिया ऑफलाइन टेंडर
  • अपर मुख्य अधकारी ने कहा- ब्लैकमेलिंग के लिए बनाई गई यह खबर सामान्य स्टोरी 

अम्बेडकरनगर। जिला पंचायत विभाग अंबेडकर नगर में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक भ्रष्टाचार करने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। खुद धन की बंदरबांट करने के पीछे सारे नियम कानून को ताक पर रखकर विभाग अपने चहेतों को ऑफलाइन टेंडर के जरिए बढ़िया मोटी रकम कमाने के लिए विभाग किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार करना पड़े उसके लिए पूरी तरह से अपने चहेतों का साथ देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। विगत दिनों इस प्रकार की बहुत से मामले प्रकाश में आए हैं।

बताते चलें कि जिला पंचायत विभाग अंबेडकर नगर के अधिकारियों द्वारा सारे नियम और कानून को ताक पर रखकर अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए 165 कार्य का लगभग ₹15 करोड़ रुपए का ऑफलाइन टेंडर प्रकाशित करके काफी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। इस प्रकार से इस विभाग में भ्रष्टाचार काफी शिखर पर पहुंच चुका है।

जनपद न्यायालय अंबेडकर नगर के अधिवक्ता प्रमोद पांडे ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से इस प्रकार हुए भ्रष्टाचार के विषय में शिकायत करते हुए किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग किया है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में पूरी तत्परता से मुहिम चलाई गई है वहीं दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी ही भ्रष्टाचार को करने में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

165 कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ की कीमत के निर्माण का टेंडर विभाग द्वारा ऑफलाइन निकाला गया जबकि लगभग 10 लाख से कम की कीमत के निर्माण कार्य केवल विशेष आवश्यकता में अल्पकालीन निविदा निकाल कर करवाया जा सकता है। इसके बावजूद भी जिला पंचायत अंबेडकरनगर द्वारा सारे नियम कानून को नजरअंदाज करते हुए इतना बड़ा भ्रष्टाचार करने में पूरी तत्परता दिखाई गई है।

अधिवक्ता प्रमोद पांडे ने इस प्रकार भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से करते हुए निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग किया है। इतने बड़े भ्रष्टाचार में अधिकारियों को मोटी रकम कमाने के लिए और अपने चहेते ठेकेदारों को मनमानी पूर्ण लाभ देने के लिए किसी प्रकार की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है।

अगर इस तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त रहा तो विभाग में धन की बंदरबांट अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक करने में भी अभी तो पीछे ही नहीं हट रहे हैं और अगर जांच नहीं होती है तो इनका मनोबल इस कदर बढ़ेगा की मनमानी पूर्ण कार्य करके सरकार की योजनाओं और विभाग खोखला करने में यह किसी प्रकार की कमी नहीं रखेंगे। ऐसे अधिकारियों के द्वारा सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त अभियान को कहीं ना कहीं पलीता लगाया जा रहा है।

इस बावत जानकारी के लिए जब अपर मुख्य अधिकारी ए.के. यादव से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया आरोप सर्वथा गलत है। यह ठीक उसी तरह है जैसे एक सामान्य स्टोरी, जिसे ब्लैकमेल करने के लिए वायरल किया गया हो। एक हफ्ते से सोशल मीडिया में वायरल हो रही इस खबर की जानकारी उन्हें भी है। ए.के. यादव ने कहा कि 10 लाख से ऊपर के कार्यों हेतु टेण्डर ऑफलाइन भी किया जा सकता है। 

वायरल हो रही खबर में शिकायतकर्ता एडवोकेट प्रमोद पाण्डेय को इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी ही नहीं है। उन्होंने एक मनगढ़न्त स्टोरी बनाकर ब्लैकमेल करने के इरादे से खबर वायरल किया है। ए.एम.ए. जिला पंचायत ए.के. यादव से जब यह कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष से बात करने का प्रयास किया जाता है तो उनसे बात सम्भव नहीं हो पाती है तो उन्होने कहा कि उनके कार्यकाल को मात्र सवा महीने शेष रह गये हैं, इसलिए वह जिला पंचायत के किसी कार्य में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। 

उक्त खबर की वास्तविकता जानने हेतु जब जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ‘मिन्टू’ से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। (सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबर) 



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