ऐसे हैं युवा पुलिस दारोगा सुनील कुमार, जो......
| - Rainbow News Network - Nov 28 2020 3:33PM

डकैती के दौरान डकैत की गोली से गृह स्वामी की मौत..............। गृह स्वामी ने डण्डे से पीट-पीटकर डकैत को किया अधमरा और घर का माल असबाब लुटने से बचाया। यदि इस तरह के शीर्षक से दो घटनाएँ आपके सामने हों तो उसमें अधिक महत्व की कौन सी होगी? इस बावत एक जमाने में हमारे गुरू ने कहा था कि डकैत का काम ही लूट-पाट और हत्या करना होता है। परन्तु अपनी सुरक्षा के लिए डाकू से मुकाबला करने वाले गृहस्वामी का रक्षात्मक तरीका काफी अहमियत रखता है। इसलिए गृहस्वामी शीर्षक से मिले संवाद को अधिक तरजीह दी जानी चाहिए। 

ठीक इसी तरह पुलिस और अपराधी से सम्बन्धित खबरें हों तो उनमें से सबसे पहले हम सकारात्मक संवाद को ही स्थान देंगे। मसलन- अंधेरे का लाभ उठाकर चोरों ने घर से पार किया सामान, पीड़ित की पुलिस अधिकारी ने स्वयं के पैसे से की इमदाद। थाना परिसर में पहुँचे फरियादी की जानी कुशल-क्षेम और सूख रहे गले को तर करने के लिए पिलाया पानी। इन सब में पुलिस अधिकारी ने स्वयं के पैसे से पीड़ित की किया इमदाद और थाना परिसर में फरियादी की कुशल क्षेम उपरान्त पुलिसजनों ने पिलाया पानी यह दोनों खबरें सकारात्मक और संदेश परक हैं। वह इसलिए कि यह पुलिस के कार्य व्यवहार के सर्वथा विपरीत है। कुछ अरसे पहले पुलिस को मित्र पुलिस का तमगा दिया गया। 

इस वर्ष के मार्च महीने से यानि लाकडाउन प्रथम फेज से अद्यतन सरकारी महकमों के मुलाजिमों द्वारा तरह-तरह के सामाजिका कार्य किये जाने शुरू हो गये। या यह कहा जाये कि स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारी और सरकारी मुलाज़िम विशेष रूप से पुलिस महकमे की भूमिका एक जैसी रही। क्या आपने कभी सुना है कि किसी थाना क्षेत्र में चोरी अथवा डकैती उपरान्त पीड़ित पक्ष को थाना पुलिस के किसी ओहदेदार ने अपनी तरफ से कोई इमदाद दिया हो। शायद नहीं। अब तक इस तरह की कोई खबर सुर्खियों में नहीं रही। 

परन्तु- अम्बेडकरनगर जिले में इस तरह की एक घटना इस समय चर्चा में है। इसका सम्बन्ध जिले के टाण्डा कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत सकरावल पुलिस चौकी प्रभारी दारोगा सुनील कुमार से है। इन्होंने वह कार्य किया है जिसकी सराहना की जानी चाहिए। ऐसा हो भी रहा है। टाण्डा के लोग ही नहीं, अपितु सुनील कुमार द्वारा किया गया मानवीय कृत्य की हर क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों द्वारा सुनील कुमार की सराहना की जा रही है। 

लोगों का यह मानना है कि पुलिस की वर्दी में जनता की सेवा करना शायद हर किसी के वश की बात नहीं है। परन्तु बावर्दी सुनील कुमार ने मानवता के तहत सच्ची सेवा करके पीड़ितों, दुखियारों के आँसू पोछने का कार्य किया है। हमारे संज्ञान में उनके मानवीय कृत्य की एक झलक आई तब हमने उनसे सम्पर्क कर सम्बन्धित खबर के बावत जानकारी हासिल किया। सुनील कुमार ने बीते दिवस एक बुजुर्ग फरियादी को थाली और लोटा देकर संतुष्ट किया था। प्रकरण कुछ ऐसा था कि बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर टाण्डा कोतवाली पहुँचा था जहाँ उसे युवा उपनिरीक्षक सुनील कुमार मिले। उन्होने बुजुर्ग से कोतवाली आने का कारण पूछा था, इस पर उक्त बुजुर्ग ने बताया कि बीती रात उसके घर से कोई उसकी थाली और लोटा लेकर चला गया। 

उपनिरीक्षक सुनील कुमार  ने फरियादी बुजुर्ग की बातों को ध्यान से सुना तदुपरान्त उसे नया लोटा और थाली स्वयं के पैसे से मंगवाकर दिया। लोटा और थाली देने के साथ ही युवा उपनिरीक्षक ने बुजर्ग से कहा कि दादा जी कोई और परेशानी होगी तो बताइयेगा। नया थाली व लोटा पाकर बुजुर्ग की आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई थी। उसने दारोगा सुनील कुमार को ढेर सारा आशीर्वाद दिया। 

कई वरिष्ठजनों की अवधारणा पुलिस के नकारात्मक पहलुओं को उजागर करती है, उन्हीं में से कुछेक का कहना है कि क्या कभी किसी वर्दीधारी को अपनी जेब के बटुए से पैसा निकालकर एक कप चाय का भुगतान करते देखा गया है। शायद नहीं.......। पुलिस की वर्दी में रहने वाला मानव जैसा प्राणी हृदयहीन सा होकर रह जाता है। वह सिर्फ लेना जानता है, देना शब्द उसके मस्तिष्क से वाश आउट कर गया होता है। यह पुलिस डिपार्टमेन्ट का स्वरूप जो शुरूआत में था वह आज भी बरकरार है, जो अधिकारी अथवा अन्य पुलिस कर्मी वर्दी धारण करने के उपरान्त मानवता के आधार पर कार्य करते हैं अवश्य ही प्रशंसा के पात्र होते हैं। 

ऐसा नहीं है कि सुनील कुमार मानव सेवा ही करते हों। वह आपराधिक गतिविधियों पर अपनी युवा तीक्ष्ण दृष्टि रखते हैं। अधिकारियों के आदेशों का अनुपालन करते हैं। कारित घटनाओं में संलिप्त लोगों की धरपकड़ को तत्परता से अंजाम देते हैं। टाण्डा कोतवाली में सितम्बर 2020 से तैनात युवा उपनिरीक्षक अपने कार्य व्यवहार से लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 

हमने जब इस बावत सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार से बात किया तो उन्होंने कहा कि ऐसा करके उन्हें आत्मिक शान्ति मिलती है और इस तरह का पुनीत कार्य वह आगे भी करते रहेंगे। उनकी बात सुनकर अच्छा लगा। हमने उनका समुचित परिचय जानना चाहा तो सुनील कुमार ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के जनपद रायबरेली के निवासी हैं। उनका गाँव थाना कोतवाली लालगंज क्षेत्र में आता है। वह सीधी भर्ती 2017 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। इस जनपद में राजेसुल्तानपुर, अहिरौली, बसखारी और वर्तमान में टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के सकरावल पुलिस चौकी के प्रभारी हैं। 



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