बालिकाओं के जन्म एवं शिक्षा के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| - Rainbow News Network - Jan 6 2021 12:46PM

अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2020-21 के अनुपालन में डा0 बब्बू सारंग, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार एवं अशोक कुमार-ग्प्प् प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, के निर्देशानुसार आज दिनांक 05.01.2021 को तहसील सभागार, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में बालिकाओं के जन्म एवं शिक्षा के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत किया गया।

शिविर को सम्बोधित करते हुये सुश्री प्रीती भूषण, सिविल जज (जू0डि0) टाण्डा, जनपद न्यायालय, अम्बेडकर नगर ने बताया कि औरतें समाज का महत्वपूर्ण भाग होती हैं और पृथ्वी पर जीवन के हर पहलू में बराबर भाग लेती हैं भारत में महिलाओं की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है इसलिये भारत में महिलाओं के गिरते लिंग अनुपात को बनाये रखने के लिये कन्याओं को बचाना अति आवश्यक हो गया है कुछ वर्ष पूर्व पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या में भारी गिरावट थी इसका प्रमुख कारण कन्या भू्रण हत्या, अशिक्षा, लिंग भेद, कुपोषण आदि है हमें समाज में लिंग अनुपात को बेहतर करने के लिये व्यापक स्तर पर कन्याओं को बचाने की मुहिम चलाने व इसके लिये लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। 

सरकार द्वारा कन्याओं की सुरक्षा के लिये कई सकारात्मक कदम उठायेे गये हैं जैसे महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम 2005, कन्या भ्रूण हत्या पर प्रतिबन्ध, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, उचित शिक्षा, लिंग समानता आदि उन्होने बताया कि जब देश में कन्याओं की स्थिति अच्छी नहीं ऐसे में शिक्षा ही बालिका के लिये वह अस्त्र बन सकता है जो न केवल उसे उसके नैतिक, समाजिक और शैक्षणिक अधिकार दिलायेगी बल्कि उसे जीवन में आने वाली कठिनाईयों के सामने एक सशक्त महिला के रूप में खड़ा करेगा। 

शिविर में बोलते हुये जे0पी0 यादव, तहसीलदार/सचिव, तहसील विधिक सेवा समिति, अकबरपुर अम्बेडकरनगर ने कहा कि हमें लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिये सभी को मिलकर इस कुरीति को मिटाना है। बाल विवाह, भ्रूण हत्या, शिशु मृत्यु दर रोके जाने, नियमित टीकाकरण दहेज प्रथा एवं अन्य समाजिक ज्वलंत विषयों में सुधार लाना चाहिये। बालिकाओं की सेहत, पोषण व पढाई आदि विषयों पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है ताकि बड़ी होकर वे शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बन सकें। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा, ने कहा कि किशोरियों व बालिकाओं के कल्याण के लिये सरकार ने समग्र बाल विकास सेवा, धनलक्ष्मी, जैसी योजनायें चलाई जा रही हैं हाल ही में लागू हुई सबला योजना किशोरियों के सशक्तिकरण के लिये समर्पित है इन सभी योजनाओं का उद्देश्य लड़कियों खासकर किशोरियों को सशक्त बनाना है ताकि वे आगे चलकर एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।

इस शिविर में डा0 चन्द्रप्रकाश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी, सामु0स्वा0के0 अकबरपुर, श्री राजीव सिंह अध्यक्ष, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, समिता कुमारी, शालिनी ओझा, गरिमा चौधरी, किरन, रंजना वर्मा, प्रीती गुप्ता, कमलावती, परमावती, पूजा वर्मा, सुनील कुमार त्रिपाठी, रामनायक वर्मा, सत्य प्रकाश, हरीराम,  प्रदीप, मो0 फिरोज तथा तहसील के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे। 



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