जल संरक्षण विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| - Rainbow News Network - Jan 12 2021 5:11PM

अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2020-21 के अनुपालन में डा0 बब्बू सारंग, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार एवं अशोक कुमार-ग्प्प् प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, के निर्देशानुसार आज दिनांक 12.01.2021 को ड्वाकरा हाल, विकास खण्ड अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में जल संरक्षण विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत किया गया।

    शिविर को सम्बोधित करते हुये विराटमणि त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट, अम्बेडकरनगर ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि प्रकृति द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। जल संरक्षण का अर्थ है जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई एवं कृषि आदि के लिये अवशिष्ट जल का पुनः चक्रण करना। स्वच्छ जल की आवश्यकता आज विश्व में सभी को है तथा जल का अभाव एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इस भीषण समस्या से अकेले या कुछ लोग नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर लोगों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। 

      भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिये जल संरक्षण ही जल बचाना है। भारत और विश्व के दूसरे देशों में जल की भारी कमी है जिसकी वजह से आम लोगों को पीने और खाना बनाने के साथ ही रोजमर्रा के कार्यो को पूरा करने के लिये जरूरी पानी के लिये लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है जबकी दूसरी ओर पर्याप्त जल के क्षेत्रों में अपने दैनिक जरूरतों से ज्यादा पानी लोग बर्बाद कर देते हैं। हम सभी को जल के महत्व और भविष्य में जल की कमी से संबनिधत समस्याओं को समझना चाहिये हमें अपने जीवन में उपयोगी जल को बर्बाद और प्रदूषित नहीं करना चाहिये तथा लोगों के बीच जल संरक्षण को और बढ़ावा देना चाहिये।  

    कार्यक्रम में बोलते हुये शेषदेव पाण्डेय, जिला पंचायतराज अधिकारी, अम्बेडकरनगर, ने बताया कि यह बिल्कुल स्पष्ट है धरती पर जीवन के अस्तित्व के लिये जल बहुत ही जरूरी है। इसलिये हमें धरती पर स्वच्छ जल के महत्व को समझना चाहिये और पूरी कोशिश करनी चाहिये की हम पानी की बर्बादी करने के बजाय उसे बचाये। हमें अपने स्वच्छ जल को औद्योगिक कचरे, सीवेज, खतरनाक रसायनों और दूसरे गंदगियों से गंदा होने और प्रदूषित होने से बचाना चाहिये। पानी की कमी और जल प्रदूषण का मुख्य कारण है हमेशा बढ़ती जनसंख्या और तेजी से बढ़ता औद्योगीकरण और शहरीकरण है। 

    जल संरक्षण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुये अनुराग सिंह, खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर, अम्बेडकरनगर, ने बताया कि स्वच्छ जल की कमी के कारण निकट भविष्य में लोग अपनी मूल जरूरतों को भी पूरा नहीं कर सकते हैं, देश के कुछ राज्यों में भारी जलसंकट की स्थिति है तथा लोगों को जल की उपलब्धता बिल्कुल नहीं है, जल की आवश्यकता हमें हमेशा है इसलिये इसको बचाने के लिये हम ही जिम्मेदार हैं और हमें इसके लिये हरसंभव प्रयासरत रहना होगा तथा औरों को भी जागरूक करना होगा। शिविर का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता, श्रीराम चन्द्र वर्मा, द्वारा किया गया।    

    इस शिविर में कृष्णकांत शुक्ला, क्षेत्राधिकारी, नगर, अजय कुमार, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, देवेन्द्र प्रताप वर्मा, सै0 नदीम, राजीव वर्मा, सुनील कुमार दूबे, स्मिता यादव, अखण्ड प्रताप, रामअनुज वर्मा, शिवकुमार वर्मा, चूड़ामणि, अभिषेक उपाध्याय, अवनीश कुमार द्विवेदी, सुशील कुमार दूबे, शिव कुमार वर्मा, अंशिका श्रीवास्तव, आस्था पाण्डेय, रश्मि, राजकुमारी, लक्ष्मी, आस्था द्विवेदी, प्रज्ञा प्रभा, प्रियंका श्रीवास्तव, प्रदीप, विकास सिंह भारती एवं विकास खण्ड के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि से कराया गया।



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