देशभर में पोलियो अभियान पर रोक, अब कोरोना टीकाकरण पर सरकार का फोकस
| Agency - Jan 13 2021 12:20PM

सरकार की कड़ी मेहनत के बाद 27 मार्च 2014 को भारत पोलियो मुक्त हो गया था। इसके बाद भी एहतियातन टीकाकरण कार्यक्रम जारी रखा गया, ताकी ये वायरस किसी मासूम को अपना शिकार ना बना पाए। पिछले साल भारत में कोरोना महामारी फैली, जिसने अब तक 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान ली है। हाल ही में ड्रग कंट्रोरल जनरल ऑफ इंडिया ने दो कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। उम्मीद जताई जा रही है 16 जनवरी से देशभर में टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। जिस वजह से पल्स पोलियो अभियान पर केंद्र ने एक बड़ा फैसला लिया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक अप्रत्याशित गतिविधियों की वजह से 17 जनवरी 2021 से पोलियो एनआईडी निरस्त कर दिया गया है। अगले आदेश तक इस टीकाकरण अभियान पर रोक जारी रहेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि स्वास्थ्य विभाग की जो टीम पोलियो टीकाकरण अभियान में जुटी थी, उसे अब कोरोना टीकाकरण के काम में लगाया जाएगा। पोलियो टीकाकरण में लगी टीम के पास इस दिशा में काम करने का लंबा अनुभव भी है।

पोलियो कितना खतरनाक?

दरअसल पोलियो एक संक्रामक रोग है, जो पोलियोमेलाइटिस के जरिए बच्चों में फैलता है। इस बीमारी से ग्रसित बच्चों का एक अंग जिंदगीभर के लिए कमजोर यानी लकवाग्रस्त हो जाता है। इसका कोई इलाज नहीं है, हालांकि अगर इसकी वैक्सीन बच्चे को दे दी जाती है, तो वायरस उसे नुकसान नहीं पहुंचा पाता। वहीं छोटे बच्चों का शरीर प्रतिरोधक क्षमता बनाने में सक्षम नहीं रहता, जिस वजह से ये वैक्सीन सिर्फ पांच साल तक के बच्चों को ही दी जाती है। पोलियो मुक्त भारत के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू किया था। जिसको घर-घर जाकर बच्चों को दिया जाता है।



Browse By Tags



Other News