डांसियाने को आतुर कठपुतलियां
| -RN. Feature Desk - Feb 5 2021 1:15PM

-रामविलास जांगिड़

बचपन में कठपुतली खेल देखा करता था और अब कठपुतली मुझे देखा करती है। पहले मैं कठपुतलियां नाचते हुए देखता था और अब कठपुतलियां मुझे नाचते हुए देखती है। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं किसान आंदोलनों से लेकर घर में सब्जी किसकी बनेगी जैसे आंदोलनों तक पसरी पड़ी है कठपुतलियां! पहले जब कठपुतली नचाई जाती थी, तो बाकायदा इसका ढिंढ़ोरा पीटा जाता था। ढिंढ़ोरची पूरे गांव-गली में घूम-घूम कर साफ-सट्ट कह देता कि आज रात कठपुतली नचाई जाएगी। जिसे कठपुतली का मस्ती भरा खेल देखना हो, वो चौपाल पहुंच जाए। बात एकदम साफ हुआ करती।

मैं और चंद्रप्रकाश पैरों में घुंघरू बांधकर उत्साह से कठपुतली खेल देखने भाग जाया करते। फिर नचाने वाले के पीछे जाकर खड़े हो जाया करते। वह बीड़ी फूंकता, अपने गंदे दांतों में जर्दे की  गंदगी डालता, धागों को मरे हाथों में लिपटाता जैसे-तैसे कठपुतली नचाता। उसका साथी मुंह में सीटी छुपाए बजाता और एक हाथ से ढोलक पीटता। मामला एकदम साफ था। बीड़ी फूंकते, सीटी बजाते कठपुतलियां नचवाई जाती। आजकल नया जमाना है। मंच पर नए प्रकार की कठपुतलियां डांस करने के लिए लालायित हैं। नचाने वाला जाने कहां बैठा है! कठपुतलियां जाने कहां बैठी है! देखने वाले जाने कहां बैठे हैं! और नचाई जा रही है दनादन! अब भी मेरा दोस्त चंद्रप्रकाश ढूंढ़ता रहता है। यार इस कठपुतली नचाने वाले को देख तो लें! कमबख्त! नजर ही नहीं आता! 

पहले आसानी होती थी। कठपुतली नचाने वाले से बातें भी कर ली जाती थी। जरूरत होती तो उनको कठपुतली नचाने के दो-चार टिप्स भी दे देते थे। लेकिन इधर कठपुतली नचाने वालों को ढूंढ़ना नेताजी से ईमानदारी ढूंढ़ना है। राजनीति ताई से शुचिता ढूंढ़ना है। अब कठपुतली नचाने वाला नजर नहीं आता। पीछे लाख सीबीआई दौड़ा दें। पूरी दुनिया के जासूस लगा दें। ढूंढ़ना असंभव! और तो और कठपुतलियां भी जोरदार है!

 वे स्वयं डांस करने के लिए लालायित है। वे स्वयं उठती है और तनचाहे ढंग से डांस करने लगती है। सीटी कोई और बजा रहा है। ढोलक कोई और पीट रहा है। फिर भी डांसियाने को आतुर-लातुर है कठपुतलियां! नाना भांत की कठपुतलियां! कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड से नाचने के लिए लालायित! लगता है कि ये कठपुतलियां नहीं नाच रही है बल्कि सारे दर्शक ही नाचने में लगे हैं। कठपुतलियां अपने इशारों से दर्शकों को नचा रही है। दर्शक पगलेट से नाच रहे हैं। ठुमका लगा रहे हैं। कठपुतलियां सीटी बजा रही है! वे दर्शकों को बैले नृत्य संपादित करने करने की ट्यूशन पढ़ा रही है।

अपनी कहानियों के साथ संगीत और नृत्य का भरपूर उपयोग कर रही हैं। कई कठपुतलियां जैज नृत्य दर्शकों को अपने स्वयं की अभिव्यक्ति में शामिल कर विभिन्न शैलियों के मिश्रण से शरीर आंदोलनों का उपयोग करती दिखाई पड़ रही है। हिप-हॉप, स्विंग, कॉन्ट्रा, बेली आदि नृत्य की शानदार प्रस्तुति देने में कठपुतलियां अपना पूरा जोर लगा रही है। मैं स्वयं भी किसी न किसी कठपुतली को नचाने की सोचता हूं, लेकिन कमबख्त कठपुतली मुझसे नाचती ही नहीं। मेरे हाथों में वो जादुई धागा नहीं है। फिलहाल मैं कठपुतलियों के इशारे से ठुमके जरूर लगा रहा हूं।



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