सिकंदर बाग विद्युत केंद्र के इस गार्ड ने अपनाया कमाई का नायाब तरीका
| -RN. News Desk - Feb 22 2021 12:30PM

लखनऊ। जी हां बीते करीब 10 सालों से सिकंदर बाग विद्युत केंद्र में कार्यरत इस गॉर्ड के भी अज़ब जलवे हैं वेतन के साथ इसकी खासी आमदनी है तरीका नायाब है हिस्सा अन्य कर्मचारियों को भी देता है गार्ड की माने तो राजधानी के सिकंदर बाग चौराहे पर स्थित विद्युत केंद्र में ये करीब 10 साल से कार्यरत हैं सैकड़ों  उपभोक्ताओं से इसकी सेटिंग गेटिंग सेट है जिसके चलते ये उपभोक्ताओं से सुविधाशुल्क ले हज़ारों का बिल झटपट जमा कर देता हैं  जिससे वेतन के अलावा इसकी महीने में खासी आमदनी हो जाती है। 

जी हां संयोग ही कहिये कि शाहनजफ की ओर कुछ काम से  जाना हुआ सिकंदर बाग चौराहे पहुंचे ही थे कि  सामने विद्युत केंद्र दिखा सोचा क्यों न मीटर रिचार्ज भी करवाता चलूँ बस यही सोचकर गाड़ी किनारे लगाई और विद्युत केंद्र जो सामने ही था जा धमका अभी गेट पर पहुंचा ही था कि सामने भीड़ और लाइन में खड़े सैकड़ों पुरुष और महिलाएं दिखी समझ गया कि यहां भी वही स्थित है जो अन्य जगहों पर समयाभाव था ही लिहाजा वापस चल पड़ा तभी गेट के बगल कोने की आड़ में कुछ लोग नीली वर्दी में खड़े इस गॉर्ड को बिल के साथ नोट भी गिनकर दे रहे थे माजरा गड़बड़ देख मैंने गॉर्ड से पूछा ये क्या हो रहा है आप ही बिजली बिल जमा कर रहे हो क्या....?

इतना सुनते ही वो सकपका गया और बिल में नोट लपेटा और अंदर कार्यालय में जा घुसा जहां बिल जमा किया जा रहा था वह तो चला गया पर मेरे इस अंदाज से वो उपभोक्ता जो संख्या में करीब तीन या चार थे नाराज़ जरूर हुए क्यों कि गॉर्ड महोदय को पैसा लेते हुए मोबाइल कैमरे में हमने कैद कर लिया था कुछ लोग पैसा और बिल दे चुके थे और कुछ नही दे पाए थे आश्चर्य मुझे यह था कि सैकड़ों महिला पुरुष लाइन में बिल जमा करने की घंटों से प्रतीक्षा में हैं और गॉर्ड  से सेटिंग बनाये लोग बिल और पैसा थमा तुरंत निकल ले रहें हैं। 

ऐसे में दायित्व निर्वहन करना जरूरी समझा और विद्युत केंद्र में विण्डो पर बैठे कर्मचारी के पास पहुंचे गार्ड को आवाज़ देते हुए कंप्यूटर चला रहे कर्मी से गार्ड की करतूत पर सवाल किया तो वो उसे तत्काल फटकार लगाने लगे नाम पूछे जाने पर उन्होंने अपना नाम विकास सिंह बताया तथा यह भी कहा कि मैं गार्ड की इन करतूतों से बिल्कुल अनविज्ञ हुँ। नीली वर्दी में पान दबाए ओंठ लाल किये गार्ड से बाहर आने और बात करने को जब कहा तो कई बार कहने के बाद विकास सिंह के कहने पर वह बाहर आया और उससे जब यह सवाल किया गया कि विकास सिंह का कहना है कि वो आपकी इन करतूतों से अनविज्ञ हैं तो आप यह पैसा जमा कैसे करते हो,..?

तो सवाल का उत्तर न देकर वह इधर उधर की बातें करते हुए बोला कि मेरे रिस्तेदार थे वो जिनका पैसा मैने लिया है बाद में वो यह भी बोला कि उन्हें मैनें सारा रुपया वापस कर दिया है। वह सरासर झूठ बोले जा रहा था वहां उपस्थित लोगों में कुछ लोगो ने यह भी बताया कि ये बिल जमा करने का 50 और 100 रुपया लेता हैं उन लोगों से जो इससे संपर्क बनाए हुए हैं जिससे लोग लाइन व भीड़ से बच जाते है समय भी नही लगता लेकिन हर आदमी तो यह कर नही सकता अब विचारणीय तो यह है कि बिल जमा कर रहे कंप्यूटर कर्मी साहब गार्ड की इन करतूतों से खुद को अनविज्ञ बता रहें है और गार्ड पैसा और बिल लोगों से आड़ में लेकर अंदर बाहर आ जा रहा है तो सुबिधा शुल्क लेकर गार्ड राजेश आखिर इन उपभोक्ताओं का पैसा जमा कहा करता है और सेटिंग गेटिंग के इन उपभोक्ताओं भुगतान की रसीद वह कहाँ से लाकर देता है रही बात रिस्तेदार बताने की तो क्या किसी व्यक्ति के लिए बिजली विभाग अलग से कोई सुविधा केंद्र भी बनाये हुए है।

ये ऐसे तमाम सवाल है जो भ्रष्ट कार्यप्रणाली को साफ जाहिर करते है बहरहाल प्रतीक्षारत लाइन में लगे उपभोक्ताओं को ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के कृत्यों से दो तीन गुना समय बिल जमा करने में लग जाता है क्यों की बीच बीच मे सुविधाशुल्क देने वालों का भुगतान बिल भी ये भ्रष्ठ कर्मी निकालते रहते हैं संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को इस पर ध्यान देना होगा और ऐसे भ्रष्ठ लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही भी करनी होगी वरना लोग लाइनों में लगे रहेंगें और बिल सेटिंग गेटिंग वालों के जमा होते रहेंगे आम उपभोक्ता लाइन में ही खड़ा रहेगा।

-रिजवान चंचल



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