सावधान! आर.ओ. व मिनरल वाटर के नाम पर कहीं जहर तो नहीं पी रहे हैं आप....? 
| - Rainbow News Network - Feb 22 2021 2:03PM
  • पानी की शुद्धता की जाँच पर सीएफएसओ के.के. उपाध्याय ने दिया रूखा जवाब
  • संकल्प के सूरज गुप्ता ने कहा नहीं है लोगों को आर.ओ. व मिनरल वाटर की शुद्धता की जानकारी, विभाग लापरवाह

-रीता विश्वकर्मा

अम्बेडकरनगर। जिले में पानी की बोतलें व पाउच (आर.ओ. के नाम पर) तो बिक ही रही हैं साथ ही आर.ओ. सिस्टम से उत्पादित पानी को शुद्ध पेयजल के रूप में हजारों गैलन प्रतिदिन धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है। होटलों, रेस्तराँओं एवं धनी वर्गीय लोगों के घरों में अच्छे खासे दाम पर आर.ओ. वाला पानी हजारों लीटर प्रतिदिन सप्लाई किया जा रहा है। इस आर.ओ. सिस्टम से पानी को कथित शुद्ध पेयजल के रूप में तब्दील करने वाले प्लान्ट्स की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। कुल मिलाकर लोकल ब्राण्ड पानी, बोतल व बोतल बन्द मिनरल वाटर के साथ ही आर.ओ. वाला पानी प्रचुर मात्रा व संख्या में जिले में बेंचा जा रहा है। बोतल बन्द हो, पाउच बन्द हो उन पर उत्पादन तिथि व एक्सपाइरी डेट भले ही न लिखी हो बेंचने वाले अपने ग्राहकों को अच्छे-खासे दामों में बेंच रहे हैं। 

यही नहीं आर.ओ. वाटर के नाम पर पेयजल की आपूर्ति करने वाले प्लान्ट्स के संचालक व इसके कारोबारी लाखों का व्यापार कर रहे हैं। दुकानों से लेकर ऑफिस, घरों व मांगलिक कार्यों में आर.ओ. वाटर केन एक आवश्यक आवश्यकता बना हुआ है। इस आर.ओ. वाटर की खपत धनी वर्गीय लोगों में स्टेटस सिम्बल भी माना जा रहा है। इसका सेवन करने वाले लोगों को पानी की शुद्धता सम्बन्धी कोई जानकारी नहीं होती। आर.ओ. पानी कितना शुद्ध है? पानी में जरूरी तत्व हैं कि नही...? किसी को इसकी फिक्र ही नही है। 

आर.ओ. वाटर केन से लेकर ब्राण्डेड बोतल व मिनरल वाटर वाले पानी जिसकी खपत हजारों बैग प्रतिदिन होती है की शुद्धता की जानकारी किसी को नहीं है। शुद्धता की परख करने वाले विभाग के लोग भी आर.ओ. वाटर एवं मिनरल वाटर पाउच के निर्माण एवं बिक्री स्थल पर जाकर नमूना आदि लेना भी गवारा नहीं समझते। हवा और पानी को रोटी, कपड़ा, मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी काफी अधिक महत्वपूर्ण कहा जाता है। स्वास्थ्य के लिए आर.ओ. वाटर, मिनरल वाटर के नाम पर वर्तमान में पिलाया जाने वाला पानी कितना लाभकारी अथवा हानिकारक है इसके बावत सरोकारी लोग आम जन को जागरूक भी नहीं कर रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक इन आर.ओ. वाटर केनों को ठेलों व पिकप वाहनों में लादकर शहर, कस्बे में घरों व दुकानों में जाकर पेयजल के रूप में सप्लाई दी जा रही है। 

सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता

संकल्प मानव सेवा संस्था के अध्यक्ष युवा समाजसेवी सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता ने अफसोस जाहिर किया है कि आर.ओ. वाटर व मिनरल वाटर की शुद्धता सम्बन्धी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा आम जन को नहीं दी जा रही है, और न ही पानी की शुद्धता की परख ही की जा रही है। कुल मिलाकर जिले में बोतल बन्द कथित मिनरल वाटर (ब्राण्डेड व लोकल) तथा आर.ओ. वाटर के नाम पर पिलाया जाने वाला पानी जन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसके सेवन से तरह-तरह की शारीरिक व्याधियों से लोग ग्रसित होने लगे हैं। सूरज कुमार ने कहा कि इस समय लोग उदर रोग, चर्म रोग, लीवर एवं गुर्दा रोगों से ग्रसित होने लगे हैं। ये वही लोग हैं जो धनी वर्ग में आते हैं और स्टेटस सिम्बल के रूप में मिनरल वाटर व आर.ओ. वाटर का सेवन कर रहे हैं।

आर.ओ. वाटर व मिनरल वाटर की शुद्धता के जाँच के बारे में रेनबोन्यूज ने जब जिले के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय से बात किया तो उन्होंने कहा कि यहाँ बोतल बन्द पानी की जाँच समय-समय पर होती रहती है। जितने आर.ओ. वाटर प्लान्ट्स स्थापित हैं सबके पास लाइसेन्स है। इतना कहकर उन्होने फोन काट दिया। सी.एफ.एस.ओ. के.के. उपाध्याय के इस रूखे एवं टरकाऊ जवाब से ऐसा प्रतीत हुआ कि आर.ओ. वाटर, मिनरल वाटर की जाँच, सैम्पलिंग के प्रति विभाग व उनकी कोई रूचि नहीं है। 



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