घी बनाम मक्खन: दोनों में आपकी सेहत के लिए क्या बेहतर है? जानिए...
| Agency - Mar 2 2021 2:22PM

घी स्वच्छ मक्खन की शक्ल है और ज्यादातर भारतीय घरों में लोकप्रिय है. उसका इस्तेमाल कई प्रकार की डिश जैसे मिठाई, दाल, करी में किया जाता है. दूसरी तरफ, मक्खन सॉस, बेकिंग की तैयारी के लिए इस्तेमाल होता है. ज्यादातर भारतीय घरों में घी को अक्सर मक्खन पर प्राथमिकता दी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि घी को सेहतमंद विकल्प कहा जाता है.

घी अत्यधिक स्वच्छ मक्खन की एक किस्म है और गाय के दूध से निकाला जाता है. मक्खन भी गाय के दूध से निकाला जाता है, जो घी और मक्खन दोनों को फैट और पोषण की मात्रा के लिहाज से बिल्कुल बराबर बनाता है. दोनों के बारे में कहा जाता है कि पोषण संबंधी संरचना और पकवान गुणों में बराबर हैं लेकिन कुछ मामलों में ये दोनों डेयरी प्रोडक्ट एक दूसरे से अलग हैं.

दोनों कैसे एक-दूसरे से कैसे हैं अलग

1. बात जब पकवान में इस्तेमाल की हो, तो घी कई डिश की तैयारी जैसे दाल, करी में इस्तेमाल किया जाता है. उसके इस्तेमाल से अक्सर मिठाई जैसे हलवा बनाया जाता है, जबकि मक्खन का इस्तेमाल सब्जियों को तलने, मांस पकाने और विभिन्न प्रकार के सॉस बनाने में किया जाता है.

2. दोनों डेयरी प्रोडक्ट्स के भंडारण के संबंध में, घी को कमरे के तापमान पर 2-3 महीनों के लिए स्टोर किया जा सकता है, जबकि मक्खन को फ्रिज में रखा जाना चाहिए और मक्खन के पेपर में जरूर लपेटा जाना चाहिए.

3. घी में फैट का अत्यधिक जमाव मक्खन की तुलना में होता है. उसमें 60 फीसद सैचुरेटेड फैट होता है और प्रति 100 ग्राम पर किलो 900 कैलोरी मिलता है. दूसरी तरफ, मक्खन ट्रांस फैट का 3 ग्राम, सैचुरेटेड फैट का 51 फीसद और प्रति 100 ग्राम पर 717 किलो कैलोरी होता है.

4. घी में मक्खन के मुकाबले डेयरी प्रोटीन की कम मात्रा पाई जाती है और दूध से बने प्रोडक्ट में मौजूद लैक्टोज शुगर से खाली होता है. मक्खन में लैक्टोज शुगर और प्रोटीन केसीन होता है.

निष्कर्ष

घी और मक्खन दोनों में समान पोषण संबंधी संरचना और फैट की मात्रा एक जैसी होती है. लेकिन घी शुगर लैक्टोज और प्रोटीन केसीन से खाली होता है, इसलिए लैक्टोज और केसीन से एलर्जी होनेवालों के लिए ये बेहतर है. लैक्टोज और केसीन इंटॉलरेंस यानी दूध या दूध से बने उत्पाद में मौजूद लैक्टोज शुगर का न पचने को कहते हैं.



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