पुलिस हिरासत में जियाउद्दीन की मौत मामला: नामजद पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी जल्द हो
| - Rainbow News Network - Apr 7 2021 5:40PM

अम्बेडकरनगर। पुलिस हिरासत में बीते दिनों युवक जियाउद्दीन की मौत के मामले में नामजद पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज आजमगढ़ जनपद के जनप्रतिनिधियों नेताओं की टीम मंगलवार को अंबेडकरनगर पहुंची। चार विधायकों के अलावा इसमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद व पूर्व विधायक भी शामिल रहे। इन सभी ने डीएम व एसपी से मुलाकात की और गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा। कहा कि परिवार के साथ न्याय न होने तक समाजवादी पार्टी इस मामले में चुप नहीं बैठेगी।

मालूम रहे कि बीते दिनों जिले की स्वाट टीम की हिरासत में आजमगढ़ जिले के हाजीपुर कुदरत निवासी युवक जियाउद्दीन की मौत हो गई थी। परिजनों ने अपहरण के बाद पिटाई कर मार डालने का आरोप लगाते हुए अकबरपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया। इसके बाद स्वाट टीम प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह व आठ पुलिस कर्मियों को पहले लाइन हाजिर, फिर निलंबित कर दिया गया।

परिवारीजनों ने जियाउद्दीन के शरीर पर आई चोटों की फोटो जारी करते हुए प्रताड़ना को प्रमाणित करने का प्रयास किया था। इसके बावजूद नामजद पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी न होने को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर आजमगढ़ से पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व एमपी बलिहारी व दरोगा प्रसाद, विधायक नफीस अहमद, विधायक आलम बदी, विधायक संग्राम यादव तथा पूर्व विधायक श्यामबहादुर यादव व बेचई सरोज मंगलवार को अंबेडकरनगर पहुंचे।

यहां पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, जलालपुर विधायक सुभाष राय, जिलाध्यक्ष रामशकल यादव व वरिष्ठ नेता राजितराम यादव के साथ डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर मांग की। मुलाकात कर सपा नेताओं ने नामजद पुलिस कर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी की मां की। डीएम व एसपी से मिलकर सपा नेताओं ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में सभी प्रक्रिया का नियमानुसार पालन हो रहा है।

खाकी धारियों ने पीट पीट कर निर्दोष की कर दी थी हत्या मुकदमा दर्ज होने के बाद भी नही हो रही गिरफ्तारी

खाकी पर खाकी की गिरफ्तारी,करने की है जिम्मेदारी इस लिये नही कर रही खाकी आरोपियों की गिरफ्तारी

बड़ा सवाल:- हत्या और अपहरण जैसे जघन्य गम्भीर अपराध में आम आदमी या फिर पत्रकार या नेता होता आरोपी तो अबतक गिरफ्तारी कर गुडवर्क दिखा देती खाकी क्या यही है न्यायायिक व्यवस्था।

लगभग एक सप्ताह बाद भी जियाउद्दीन के मौत के आरोपीयो की नही हुई गिरफ्तारी उठ रहे सवाल।

पुलिस कस्टडी में हुई थी जियाउद्दीन की मौत परिजनों ने लगाया  था पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोट के निशान मिलने की है चर्चा तीन लाख की डिमांड न पूरा करना बना था मौत का कारण।

कोतवाली अकबरपुर में एसओजी प्रभारी सहित आठ पुलिस कर्मियों के विरुद्ध दर्ज है हत्या व अपहरण का मुकदमा

एक सप्ताह वीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी न होना बना चर्चा का विषय

पूरे मामले की उपजिलाधिकारी टाण्डा को मिली है मजिस्ट्रेटी जांच

परिजनों का आरोप:- जिले के उच्चाधिकारियों के द्वारा मामले को दबाने का जारी है लगाता



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