जिले में खनन माफिया सक्रिय, प्रशासन व विभाग नतमस्तक
| - Rainbow News Network - Apr 7 2021 5:45PM

अम्बेडकरनगर। न्यायालय ने खनन को पर्यावरण के लिए घातक मानते हुए खनन पर रोक लगा रखी है, लेकिन प्रदेश में मुख्यमंत्री के अंबेडकर नगर जनपद क्षेत्र में  खनन माफिया पर किसी का जोर नहीं चल रहा है। प्रशासन कह रहा है, 'आज ही मामला ध्यान में आया है, पुलिस से दिखवाएंगे।...तो क्या प्रशासन की अब तक आंखें बंद थी! या सबकुछ जानते हुए भी अनदेखा कर रहे थे। उधर, खनन विभाग कर्मचारियों का टोटा बता अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।

सवाल यह कि विभाग वाकई कार्रवाई करना चाहता है तो पुलिस की मदद क्यों नहीं ले लेता। दृढ़ इच्छाशक्ति से अभियान चलाकर पूरे जिले में ऐसे स्थानों पर रोक लगाई जा सकती है? लेकिन, लगता यही है कि विभाग भी बजरी माफिया को प्रश्रय देने में लगा है। तभी तो धड़ल्ले से नदियां खोखली की जा रही हैं। इस गोरखधंधे में अब अवैध खननकर्ता ही नहीं, शराब समेत अन्य माफिया भी घुस आए हैं।

पूरे जिले में रातभर जेसीबी मशीनों से रेत निकालने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। जिला प्रशासन के स्तर पर रोकथाम की कोई हलचल नहीं। खनन विभाग 'सूचना आने पर कार्रवाई करते हैं जैसे तर्कों की ओट लिए बैठा है। प्रश्न उठता है कि क्या स्वप्रेरणा से कार्रवाई इनके दायित्वों में नहीं है?पर असल कहानी कुछ और ही है।

सभी को स्मरण है कि जिले में पहले भी खनन के मामले में खनन माफियाओं द्वारा हमला किया गया था  परंतु इसके पश्चात भी खनन विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही क्यों नहीं की गई या विभाग के कर्मचारी और अधिकारी ही बता सकते हैं। बस एेसे ही हालात और कार्रवाई के वक्त पुलिस, खनन और प्रशासनिक विभागों का एक दूसरे पर टालमटोल ही माफिया के बढ़ते दुस्साहस के पीछे असल वजह है।

बेहतर रहे, सभी विभाग मिलकर ऐसे अपराध के खिलाफ सामूहिक रूप से सख्त कार्रवाई करे। सनद रहे कि अवैध खनन पर नकेल नहीं कसी तो नदियां नहीं बच पाएंगी। पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा। नतीजा सबको भुगतना होगा।



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