शेरशाह सूरी नहीं अब मोदी शाह योगी सड़कों का निर्माण
| Rainbow News - Aug 3 2017 4:01PM

-भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी/ एक सम्राट थे नाम था शेरशाह सूरी। इतिहास में लिखा है- सैकड़ों वर्ष पहले उन्होंने यातायात को सुगम बनाने के लिए अपने अल्प शासनकाल में एक बहुत लम्बी और तत्समयी सड़क का निर्माण कराया था- उक्त सड़क का नाम शेर शाह सूरी मार्ग था जो कालान्तर में (अंग्रेजों के शासनकाल में) ग्रान्ड ट्रन्क रोड (जी.टी. रोड) कहलाने लगी। उक्त सड़क से व्यापारियों, बड़े उद्यमियों को बहुत लाभ मिला। गरीब तबका और गरीब होता गया।

इतिहास की बातें आज कितना प्रासंगिक हो रही हैं इसे देश-प्रदेश का आम आदमी भली-भाँति महसूस कर रहा है। स्वतंत्र राष्ट्र भारत में लोकतंत्रीय प्रणाली कायम है और केन्द्र में मोदी की सरकार है तब गरीब/आम आदमी कितना परेशान है इस बारे में कहने को कुछ भी नहीं है। सड़के यानि रोड- हाइवे, नेशनल हाइवे, सिंगल, डबल, फोन, सिक्स एवं एट लेन चौड़ी बनवाई जा रही है। किसानों के कृषि योग्य जमीनों को सरकार बगैर मुआवजा दिए अधिकृत कर रही है। भूमि हीन किसान कया करेगा- भिखारी बनकर भीख मागेगा। ज्यादा चपर चूँ- चूँ चपर किया तो चूतड़ पर लट्ठ और आई.पी.सी. की धाराओं में अन्दर कर दिए जावोगे।

हे किसानों- मशवरा मुफ्त में ले लो। काँग्रेस के राहुल, राजबब्बर तुम्हारी दर्दुशा पर राजनीति की रोटी सेंक रहे हैं। जानते हो जिसकी लाठी उसकी भैंस। यानि माइट इज राइट। इन नेताओं/अभिनेताओं के चक्कर में मत आवो। बस अपनी दुर्दशा का तमाशा स्वयं देखो। यदि हालात यही रहे तो देश की मीलो चौड़ी सड़कों का नाम होगा ‘‘मोदी शाह योगी मार्ग’’ जिनपर देश-दुनिया के धन्ना सेठों की बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ फर्राटा भरेंगी। इस समय तो सड़क निर्माणदायी संस्थाएँ अपना जेब भर रही हैं। अंधों के आगे रोए अपना दीदा खोए- इस कहावत को चरितार्थ मत करो।

टाप-टू-बाटम सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे या चोर-चोर मौसेरे भाई हैं। रोटी फिल्म का वह गाना तो याद ही होगा ना- ये जो पब्लिक है सब जानती है, बस उसी पर अमल करो अपने और अपनी ताकत को पहचानो। ‘मोदी शाह योगी’ और इनके मौसेरे भाइयों को औकात बता दो। यदि ऐसा नहीं करोगे तो वह दिन दूर नहीं जब तुम्हारे हाथों में ‘भिक्षा-पात्र’ होगा।



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